INDIAN ARMY
इंडियन आर्मी
इंडियन आर्मी
इंडियन आर्मी के बारे में जानें रोचक फैक्ट
देश की रक्षा करने के लिए इंडियन आर्मी हमेशा तैनात रहती है. यह इंडियन आर्मड फोर्सेज का अहम हिस्सा है. आर्मड फोर्सेज में इंडियन आर्मी, एयरफोर्स, इंडियन नेवी, इंडियन कोस्ट गार्ड आते हैं. जानें इंडियन आर्मी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य:- 1776 में कोलकाता में ईस्ट इंडिया कंपनी के सरकार के दौरान इंडियन आर्मी का गठन हुआ था |
- प्रेसिडेंट के बॉर्डीगार्ड इंडियन आर्मी के सबसे पुराने सैन्य दल हैं. यह 1773 में स्थापित हुआ था. यह अभी नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में तैनात है |
- भारत में अन्य सरकारी संगठनों और संस्थाओं के विपरीत Indian Army में किसी भी व्यक्ति की जाती या धर्म नहीं देखा जाता |
- भारतीय सेना ने भारत के सबसे ऊँचे पुल का भी निर्माण किया है. यह लदाख वैली में द्रास और सुरु नदियों के बीच बना हुआ है. इस पुल का निर्माण भारतीय सेना द्वारा अगस्त 1982 में किया गया था |
- भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में हुआ युद्ध उस समय खत्म हो गया था. जब पाकिस्तानी सेना के 93,000 जवानों ने Indian Army के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था. दुसरे विश्व युद्ध के बाद यह सबसे बड़ा आत्मसमर्पण था, जो पाकिस्तानी सेना द्वारा किया गया था |
- भारत की रक्षा सेनाओं का सर्वोच्च कमांडर भारत का राष्ट्रपति है, किन्तु देश रक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी मंत्रिमंडल की है। रक्षा से संबंधित सभी महत्त्वपूर्ण मामलों का फ़ैसला राजनीतिक कार्यों से संबंधी मंत्रिमंडल समिति करती है, जिसका अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है। रक्षा मंत्री सेवाओं से संबंधित सभी विषयों के बारे में संसद के समक्ष उत्तरदायी है।
- सेना दिवस, भारत में हर वर्ष 15 जनवरी को लेफ्टिनेंट जनरल (बाद में फ़ील्ड मार्शल) के. एम. करियप्पा के भारतीय थल सेना के शीर्ष कमांडर का पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने 15 जनवरी 1949 को ब्रिटिश राज के समय के भारतीय सेना के अंतिम अंग्रेज शीर्ष कमांडर जनरल रॉय फ्रांसिस बुचर से यह पदभार ग्रहण किया था।
- असम रायफल्स भारतीय सेना की सबसे पुरानी पैरामिलट्री फोर्स है जिसकी स्थापना 1835 में की गयी थी।
- भारतीय सेना के पास घुड़सवार सेना की एक रेजीमेंट भी है, जो दुनिया में तीन देशों के पास ही है।
- जंगलों में लड़ने के मामले में भारतीय सेना को दुनिया में सबसे श्रेष्ठ सेना के तौर पर जाना जाता है। भारत की इस गुणवत्ता को जानने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और रूस जैसे देश अक्सर इस टुकड़ी का दौरा करते हैं।








